जागो हिंदू: श्रीमद्भगवद्गीता: एक वैश्विक ग्रंथ

सोमवार, 18 दिसंबर 2017

श्रीमद्भगवद्गीता: एक वैश्विक ग्रंथ

     अपनी तर्कपूर्ण शिक्षाओं और प्रकाशपूर्ण प्रेरणाओं के कारण श्रीमद् भगवदगीता को वैश्विक ग्रंथ की मान्यता हासिल है। वर्तमान की तनावपूर्ण परिस्थितियों में गीता स्ट्रैस मैनेजमेंट की अत्यन्त कारगर कुंजी साबित हो रही है। देश-विदेश के नामचीन मैनेजमेंट गुरु भगवदगीता के प्रबंधन सूत्रों का लाभ उठा कर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। गीता के प्रबंधन सूत्रों को अपने प्रतिष्ठानों में लागू करने वाली देशभर की नामी-गिरामी कम्पनियां इनके नतीजों से काफी उत्साहित व प्रसन्न हैं। एचआर( ह्यूमन रीर्सोसेज) प्रबंधकों की मानें तो भागमभाग और गलाकाट प्रतिस्पधा के वर्तमान दौर में इस ग्रन्थ को मानव जीवन की सर्वोत्कृष्ट आचार संहिता कहें तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कुलदेवता

कुलदेवता’ शब्द की व्युत्पत्ति एवं अर्थ १. कुल अर्थात आप्तसंबंधों से एकत्र आए एवं एक रक्त-संबंध के लोग । जिस कुलदेवता की उपासना आवश्यक हो...