ऊंट का मूत पीने वाले तंबू बना सकते थे, ताजमहल नही..
अगर मुग़ल इतने बड़े कला प्रेमी और आर्किटेक्ट थे तो अरब में कितने ताज महल बनाए...?
मुझे गर्व है कि मैं उस धर्म का पथिक हूँ..
जिस पर दूध बहाने के आरोप लगाए जाते हैं
खून बहाने के नहीं.... 🚩
मुझे गर्व है की मैं उस धर्म का अनुयायी हूँ..
जहाँ पशु की गर्दन पर हाथ फेरना सिखाते हैं
छुरी फेरना नहीं 🚩
...मुझे कहना अच्छा लगता है कि मेरे त्यौहार पूजा करके,मिठाई व पकवान खिलाकर व खाकर मनाएँ जाते हैं
कोई खून व हड्डियाँ फेंककर माँस खिलाकर व खाकर नहीं।
🚩मुझे गर्व है कि मैं हिन्दू हूँ।🚩
🚩जय श्री राम🚩
क्या आप इस्लाम को समझना चाहती हैं ?"
एक मौलाना ने मेरी आँखों के सामने कुरान लहराते हुए पूछा..😁
जी. . अभी थोड़ा-थोड़ा ही समझ पाई हूँ, ठीक से समझना चाहती हूँ. . मैंने जवाब दिया 😂😝
मौलाना :- "इस्लाम एक बेहद शांतिपूर्ण धर्म है", आप कुरआन पढ़िए सबजान जाएँगी. .😁
मैं :- "जी, वैसे तो अल-कायदा, बोको-हरम, सिमी, ISIS और हिजबुल ने मुझे इस्लाम के बारे में थोड़ा-बहुत समझा दिया है, फिर भी यदि आप आग्रह कर रहे हैं तो मैं कुरआन ले लेती हूँ. .😄
मौलाना :- "लिल्लाह..उन्हें छोडिए, वे लोग सही इस्लाम का प्रतिनिधित्व नहीं करते. . .😨
मैं - अच्छा..यानी उन्होंने कुरआन नहीं पढ़ी ? या गलती से कोई दूसरी कुरआन पढ़ ली है?
मौलाना :- नहीं, उनलोगों ने भी कुरआन तो यही पढ़ी है. . लेकिन उन्होंने इसका गलत अर्थ निकाल लिया है. . वे लोग इस्लाम की राह से भटक गए हैं. . कम पढ़े-लिखे और गरीब होंगे, इस्लाम तो भाईचारा सिखाता है..😨
मैं - जी, हो सकता है. . लेकिन मैंने तो सुना है कि ट्विन टावर पर हवाई जहाज चढ़ाने वाला मोहम्मद अत्ता एयरोनाटिक्स इंजीनियर था, और इंडियन मुजाहिद्दीन का यासीन भटकल भी ख़ासा पढ़ा-लिखा है..लादेन सॉफ्टवेयर इंजीनियर था..😀
मौलाना :- आपसे वही तो कह रहा हूँ कि इन लोगों ने इस्लाम को ठीक से समझा नहीं है. . आप कुरआन सही ढंग से पढ़िए, हदीसों को समझिए. . आप समय दें तो बड़े मौलाना जी से आपकी काउंसिलिंग करवा दूँ ?"
मैं - लेकिन सर, मेरे जैसे नए लोगों की इस्लाम में भर्ती करने की बजाय, आप इराक-अफगानिस्तान-लीबिया-पाकिस्तान जाकर आपकी इस "असली कुरआन" और "सही इस्लाम" का प्रचार करके, उन भटके हुए लोगों को क्यों नहीं सुधारते?
जब आपके बड़े मौलाना जी आपके साथ ही रहेंगे तो आप बड़े आराम से सीरिया में अमन-चैन ला सकते हैं.. ताकि आपके शांतिपूर्ण धर्म की बदनामी ना हो. . तो आप सीरिया कब जा रहे हैं सर.. ?
मौलाना :- "मैं अभी चलता हूँ. . मेरी नमाज़ का वक्त हो गया है.
मैं - "सर. . सीरिया तो बहुत दूर पड़ेगा, आप मेरे साथ कश्मीर या बंगाल चलिए,वहाँ भी ऐसे ही कुछ "भटके" हुए, "कुरआन का गलत अर्थ लगाए हुए" लोगों ने मारपीट और हिंसा की है. . वहाँ आप जैसे शान्ति प्रचारक की सख्त ज़रूरत है..😂😝
मौलाना :- "मैं बाद में आता हूँ. . नमाज़ का वक्त हो चला है..घुटने में भी दर्द रहता है आजकल..😨
( बोलता हुआ मौलाना चला गया..😂😝)
[12/30, 11:19 PM] +91 98678 87131: #इस्लाम_मे_विज्ञान पार्ट 1
आज आपलोग हमारे पिगअंबर साहब का दिब्य मुहम्मदी इलाज देखिये। हमारे रसूल चलती फिरती दवाखाना थे हुजूर । वह हर मर्ज का इलाज अपने "थूक" से किया करते थे । पागलपन, सर दर्द, गंजेपन, दुबलेपन, नस-आँख-पैर-घाव-नस आदि समस्त बीमारियों का इलाज वे अपने "थूक" से कर दिया करते थे । देखिये प्रामाणिक हदीस से :-
1) सांप काटने पर - "अबू सईद ने कहा कि ,एक बार रसूल अपने लोगों के साथ एक गाँव जा रहे थे .रास्ते में किसी को सांप ने काट लिया .लोगों ने रसूल से उपाय पूछा,रसूल ने काटने कि जगह अपना थूक लगा दिया .बुखारी -जिल्द 3 किताब 36 हदीस 476.
2) पागलपन का इलाज - "मलाकाह बिन सहर ने कहा कि लोग रसूल के पास एक पागल (lunetic ) को लेकर आये और उसे ठीक करने को कहा। रसूल ने अपना ढेर सा थूक उसके चहरे पर मल दिया :- अबू दौउद -जिल्द 2 किताब 28 हदीस 3849
3) सर दर्द का इलाज - "सलाम ने रसूल से कहा कि, मेरे सर दर्द है, और पैर भी दुःख रहे हैं,रसूल ने हिना (मेंहदी ) के साथ अपना थूक मिलाकर सर पर लगा दिया और मैंने अपने पैरों में लगा दिया अबू दौउद - जिल्द 3 किताब 28 हदीस 3849
4) नस कट जाने का इलाज - "जाबिर बिन अब्दुल्ला ने कहा कि, उबै बिन काब कि नस कट गयी थी ,रसूल ने फ़ौरन कटी हुई जगह पर अपना थूक लगा दिया और उबे को दुआ करने को कहा :- अबू दौउद -जिल्द 3 किताब 27 हदीस 3855
5) गंजेपन का इलाज - "अब्दुला इब्ने अबास ने कहा कि,रसूल कहते थे कि सुरमा (Antimony) के साथ मेरा थूक लगाने से गंजापन मिट जाता है और नजर तेज हो जाती है :- अबू दौउद -जिल्द 3 किताब 28 हदीस 3869
6) दुबलेपन का इलाज - "आयशा ने कहा कि, मेरी माँ चाहती थी कि मैं मोटी हो जाऊं, रसूल के खीरा (Cucumber ) और खजूर (Dates) के साथ अपना थूक मिला कर मुझे खिलाया :- अबू दौउद जिल्द 3 किताब 28 हदीस 3894
7) आँख का इलाज - "सहल बिन साद ने कहा कि, खैबर की लूट के समय अली की आँख में जख्म हो गया था। रसूल ने फ़ौरन अली की आँख में थूक दिया और दुआ करने को कहा :- बुखारी -जिल्द 4 किताब 52 हदीस 192
8) पैरों के घाव का इलाज - "याजिद बिन अबू उबैद ने कहा कि खैबर की लुट में अबू मुस्लिम के पैरों में घाव हो गया था। रसूल ने तुरंत अपना थूक निकला और मुस्लिम के घाव पर लगा दिया :- बुखारी -जिल्द5 किताब 59 हदीस 517
9) हर रोग की दवा - "अबू बुरदा ने कहा कि हम लोग एअसुल के साथ मदीना आ रहे थे। रस्ते में एक गाँव में रसूल ने सारे गाँव के लोगों को इकठ्ठा किया, और एक बड़े बर्तन में पानी भरवाया। फिर उस पानी से कई बार कुल्ला किया, और पानी में अपना थूक डाल दिया और लोगों से कहा कि अब इस बर्तन का पानी "तिर्याक" यानि सब रोगों की दवा बनगया है। इसे पियो और अपने बच्चों को पिलाओ :- बुखारी -जिल्द 5 किताब 59 हदीस 617
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लिंक :- http://www.quranexplorer.com/Hadith/English/Index.html
यह तो हुआ थूक वाला इलाज का ब्यौरा आगे किसी और पोस्ट में इससे भी अफ्लातूनी मुहम्मदी इलाज की चर्चा करेंगे दोस्तों। खैर इस मुहम्मदी इलाज से कितने लोग ठीक हुए और कितने मर गए, अगर किसी मुस्लिम के पास रिकार्ड हो तो प्रकाशित करे
इतना पढ़ने बाद भी यदि कोई व्यक्ति यह माने कि इस्लाम एक मजहब है और पिगअंबर साहब नबी है, तो उसकी रक्षा ईश्वर करे। और खबरदार जो किसी ने इन्हे ढोंगी-पाखंडी-अंधविश्वासी कहा था, ऐसा हम सिर्फ हिन्दू साधू-संतों को कहा करेंगे ।
खैर यही कारण है कि आजतक इक्का-दुक्का मुसलमान ही कोई बड़ा बैज्ञानिक ,या अविष्कार बन पाया -- जाहिलों का जमावड़ा
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